Wednesday, June 13, 2012

आँखों से थोड़ी बारिश हो..











सूखे हुए बेजान ख्वाब सारे
दफन हैं रूह की..... कमज़ोर बुनियाद पर 
......................................................
आँखों से थोड़ी बारिश  हो
तो दिल को यकीं आये
कि पल्कों की डाली पर
इक नया ख्वाब 
फिर 'हरा' होगा कभी.....................

~Saumya

29 comments:

  1. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 14-06-2012 को यहाँ भी है

    .... आज की नयी पुरानी हलचल में .... ये धुआँ सा कहाँ से उठता है .

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  2. Amazing .....chaar shbado me kyaa najm buni hai ..I just love it ...barsaaten behad jaroori hoti hain

    good one soumya :)

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  3. वाह ... बहुत खूब।

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  4. चार पंक्तियों में सटीक बात .
    बहुत खूब.

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  5. बहुत खूब....
    बहुत ही सुन्दर बात कही है आपने...
    :-)

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  6. Baarish ko behne do, har aansoo moti banke chhalkega aur apne saath nayi subah layega.

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  7. @Sangeeta ji: thankyou so much mam :)

    @Vivek: thanks a lot :)

    @Vandana: thanks a tonne dear :)

    @Sada: thankyou :)

    @Shikha Varshney: thanks :)

    @Reena Maurya: thankyou :)

    @Punam: Rightly so...thanks :)

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  8. वाह .. क्या बात है .. आँखों की बरसात आने पे अपनी सानों का भी एहसास होगा ...

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  9. बहुत सुन्दर....

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  10. hmm..bade intzaar ke baad hi sahi ,4 panktiyaan aayi..aur achhi aayi!

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  11. सौम्या ..तुम्हें फिर से पूरी रंगत में देखकर बेहद खुशी हो रही है। अब दोबारा गायब मत होना....वो भी इतने लंबे समय तक।


    तुम्हारी ये पंक्तियां बेहद उम्दा है। वैसे भी तुम हमेशा सार्थक और बेहद उम्दा लिखती है। ईश्वर तुम्हारी मदद करें।

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  12. Itne kam shabdo me kitna kuch keh diya....

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  13. @Digamber ji: thanks a lot!

    @Kailash ji: thankyou so much!

    @Yashwant ji: thanks!

    @Shekhar ji: thankyou!

    @Amit: thankyou :)

    @Habib: thanks!

    @Virendra ji: thankyou so much :)

    @Noopur: thanks dear :)

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  14. The title itself was so attractive and the poetry is deep....

    Chand shabdo mei itni gehrayee kahna bahut mushkil hai....Loved reading it over n over again.

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  15. @Shaifali: thankyou so much...keep reading :)

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  16. वाह!!!बहुत खूबसूरत!! :)

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  17. Really,You've an ocean in your pen.

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  18. .बहुत सार्थक और सुन्दर प्रस्तुति...!

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  19. आज आपके ब्लॉग पर बहुत दिनों बाद आना हुआ अल्प कालीन व्यस्तता के चलते मैं चाह कर भी आपकी रचनाएँ नहीं पढ़ पाया. व्यस्तता अभी बनी हुई है लेकिन मात्रा कम हो गयी है...:-)

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  20. @Sanjay ji: thankyou so much!!

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Thankyou for reading...:)